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CG – नर्सिंग छात्रा की मौत: डॉक्टरों की लापरवाही से गई नर्सिंग छात्रा की जान

बिलासपुर। बिलासपुर में प्राइवेट अस्पताल यूनिटी हास्पिटल में चिकित्सकों की लापरवाही के चलते नर्सिंग छात्रा किरण वर्मा की मौत हो गई है। किरण को परिजनों ने गले की थायराइड गांठ के आपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। किरण को आपरेशन से पहले एनेस्थिसिया दिया गया।

इसके कुछ ही मिनट बाद वह कोमा में चली गई। किरण के कोमा में चले जाने की जानकारी चिकित्सकों ने परिजनों को नहीं दी। दो दिनों तक किरण के कोमा में रहने के दौरान परिजनों को मिलने भी नहीं दिया। चिकित्सकों ने इतनी बड़ी घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दी।

दो दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष के बाद किरण की मौत हो गई। किरण की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को इसकी जानकारी दी और शव को सौंप दिया। अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों की लापरवाही से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया।

अस्पताल परिसर में हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची व स्थिति को संभाला। परिजनों ने बेटी के शव का पोस्ट मार्टम कराने और पूरी चिकित्सकीय प्रक्रिया का वीडियोग्राफी कराने की मांग की थी। परिजनों की मांग पर पीएम के दौरान वीडियोग्राफी कराई गई।

पीएम के बाद परिजनों ने थाने पहुंचकर किरण की इलाज में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

परिजनों ने पूछा किस डाक्टर ने दिया एनेस्थिसिया

किरण की मौत का कारण पूछने पर चिकित्सकों ने एनेस्थिसिया के बाद कोमा में चले जाने का कारण बताया। परिजनों ने जब अस्पताल प्रबंधन से एनेस्थिसिया देने वाले डाक्टर का नाम पूछा तब बताने से इंकार कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को इस बात की भी जानकारी नहीं दी कि जिसने किरण को एनेस्थिसिया दिया क्या वह विशेषज्ञ था। कितने साल का अनुभव रखते हैं। अस्पताल प्रबंधन ने किसी तरह की जानकारी परिजनों को नहीं दी।

थर्ड ईयर नर्सिंग की स्टूडेंट थी किरण

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिल के ग्राम सिलदहा निवासी किरण वर्मा शासकीय नर्सिंग कॉलेज में थर्ड ईयर की स्टूडेंट थी। गले में थायराइड की गांठ के इलाज के लिए 7 मार्च को किरण यूनिटी हॉस्पिटल गई थी। उसे शाम को ऑपरेशन के लिए आपरेशन थियेटर ले जाया गया। एनेस्थिसिया के तत्काल बाद वह कोमा में चली गई। कोमा में जाने के बाद चिकित्सकों ने किरण के परिजनों को इसकी जानकारी नहीं दी और ना ही किरण से मिलने दिया।

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